तुला राशि वाले जातकों के लिए 23 दिसम्बर से 21 जनवरी तक यानि हिन्दी मास पौष महीना किन उतार-चढ़ावों को लेकर आने वाला है, पारिवारिक स्थितियां और स्वास्थ्य की दृष्टि से कैसा रहेगा, व्यापार में, शिक्षा में, इन्वेस्टमेंट आदि में कब समय कमजोर रहेगा और कब सुदृढ़ रहेगा, इन सबका एक विश्लेषण। ग्रह-गोचरीय दृष्टि से चन्द्रमा को प्रतीकात्मक रूप से राशि स्थान में दर्शाया गया है।
Education- शिक्षा की दृष्टि से इस राशि के जातकों को मैकेनिकल आदि के फील्ड में समय इतना अच्छा नहीं कहा जा सकता। भाग्य इतना सपोर्टिव नहीं बन रहा है, सोच-समझ कर आगे बढऩा चाहिए। मैनेजमेंट वालों के लिए कुछ समय अनुकूल बनता प्रतीत हो रहा है।
Business- व्यापार की दृष्टि से लिक्विडिटि का फ्लो अच्छे से बना हुआ प्रतीत होता नजर आ रहा है। अटकी हुई रकम निकलने की पूरी संभावना बन रही है। घर-परिवार की दृष्टि से भी जमीन आदि के सौदे होते नजर आने की संभावना भी है। लिक्विडिटि की दिक्कत नहीं आएगी। कुटुम्ब में भी सामंजस्य की स्थितियां बनी हुई है, इसका फायदा उठावें। वाणी में भी पराक्रम स्थान की स्थिति बन रही है। प्रमोशन आदि अटके हुए थे, पैसा अटका हुआ था, रियल स्टेट, कंस्ट्रक्शन आदि में अटका हुआ पैसा रुका हुआ था तो समय अच्छा बनता प्रतीत होता नजर आ रहा है, लेकिन बीमारी के रूप में खर्चा भी संभावित नजर आता है। ये कमजोर स्थिति है इसका ध्यान रखें तो बेहतर। शेयर मार्केट में औचक पैसा देने वाली स्थिति नहीं बन रही है, बचना चाहिए। मध्यम दर्जे के Investment के लिए जा सकते हैं। म्युचअल फंड या एफ.डी. में इन्वेस्टमेंट उचित कहा जा सकता है। विदेश में रह रहे लोग इवेंट आदि से जुड़े हुए हैं तो पराक्रम में वृद्धि प्रतीत होगी। औरा बढ़ता प्रतीत होगा। कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अच्छी संभावनाएं निर्मित हो रही है, जो अच्छी कही जा सकती है। विदेश गमन की स्थितियां भी बन सकती है। फायदा उठावें।
गृहस्थ- घर-परिवार में बीमारी की दृष्टि से समय अच्छा नहीं कहा जा सकता है। घर-परिवार में सामंजस्य जरूर बनेगा, लेकिन स्थितियों से बचाव लेकर चलते रहे तो, ठीक रहेगा। घर से दूर कामकाजी व्यक्ति जरूर घर-परिवार से लालायित रहता है। ये स्थिति अच्छी नहीं कही जा सकती।
Love Affairs- लव अफेयर्स की दृष्टि से समय अच्छा नहीं कहा जा सकता। इस समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता रहेगी, अन्यथा रिश्ते टूटने की कगार तक पहुंच सकने की भी संभावनाएं प्रतीत होती हैं।
उपाय- हमेशा मां दुर्गा के मंदिर जाएं। सप्तशती का पाठ करें। मकर संक्रांति को तेल-गुड़ के अलावा तुलादान यानि अपने वजन के बराबर धान लेकर दान करें तो श्रेष्ठता की ओर जाने के लिए अग्रसर हो सकेंगे।
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